10 फ़रवरी की शाम दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में राजस्थानी कल्चरल फेस्ट ‘अपणायत’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जामिया के छात्रों द्वारा गठित राजस्थानी कल्चरल सोसाइटी के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में सांसद उम्मेदाराम जी बेनीवाल ने भी शिरकत की। उन्होंने जामिया के शैक्षिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा के महत्व और बच्चों की शिक्षा की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। जामिया प्रशासन की ओर से कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ़ और डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर नीलोफ़र अफ़ज़ल भी उपस्थित रहीं। प्रोफेसर मज़हर आसिफ़ ने शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थानी घूमर नृत्य से हुई। इसके बाद समीर एंड बैंड ने अपनी प्रस्तुति दी। बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे जामिया को झूमने पर मजबूर कर दिया, लवा पोकरण के छोटे से गाँव से निकलकर जामिया जैसी बड़ी यूनिवर्सिटी में परफॉरमेंस देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया और लोगों को आश्चर्यचकित किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में लतीब एंड बैंड की अहम भूमिका रही, जिन्होंने राजस्थानी मॉडर्न म्यूजिक पर शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, लतीब जैसलमेर के डवा गांव से आते हैं, उनके बैंड कि प्रस्तुति को देखकर उठखड़े हुए। मुकेश भट्ट ने कठपुतली कला का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात मनदीप एंड बैंड ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में जामिया की राजस्थान से आई छात्राओं ने भी प्रस्तुति दी, जिसमें ज़िकरा एंड ग्रुप और निश्रा एंड ग्रुप ने राजस्थानी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। टीसीटीएफ़ एनजीओ की ओर से बालिकाओं ने घरेलू हिंसा विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
इस कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर मुकेश कुमार मिरोठा रहे तथा स्टूडेंट इंचार्ज में जैसलमेर के कोडियासर गांव के निवासी पीएचडी स्कॉलर हनीफ ख़ान पुत्र श्री जमाल ख़ान ने भूमिका निभाई।